वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025: भारत ने रचा इतिहास, महिलाओं की धांसू बादशाहत के साथ जीते नौ स्वर्ण पदक

जैस्मिन ने ओलंपिक पदक विजेता वू शिह यी को हराकर सबको चौंकाया; निकहत, पर्वीन, मीनाक्षी, प्रीति, अरुंधती और नूपुर ने भी जीते खिताब; सचिन और हितेश ने पुरुष वर्ग में दिलाए स्वर्ण
PNS Bureau, 20 नवंबर 2025:
शहीद विजय सिंह पाठक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 के अंतिम दिन भारत ने अपने अब तक के सबसे शानदार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के साथ नौ स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला मुक्केबाज़ों ने अभूतपूर्व दबदबा दिखाते हुए कई ओलंपिक-वर्ग डिवीज़न में स्वर्ण पर कब्ज़ा जमाया, जबकि पुरुष वर्ग में दो स्वर्ण ने मेजबान भारत के अभियान को यादगार बना दिया। भारत ने कुल 9 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य के साथ प्रतियोगिता का समापन किया—भारत के सभी 20 मुक्केबाज़ पोडियम पर रहे।
महिलाओं का स्वर्णिम तूफ़ान—सात गोल्ड एक ही दिन में
अंतिम दिन भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए लगातार स्वर्ण पदक झटके।
दोपहर सत्र में:
- मीनाक्षी (48kg)
- प्रीति (54kg)
- अरुंधती चौधरी (70kg)
- नूपुर (80+kg)
वहीं शाम के सत्र में:
- निकहत ज़रीन (51kg)
- जैस्मिन लांबोरिया (57kg)
- पर्वीन (60kg)
ने स्वर्ण जीतकर भारत के लिए रिकॉर्ड स्थापित कर दिया।
लॉस एंजेलिस ओलंपिक में जेंडर पैरिटी को देखते हुए यह प्रदर्शन भारतीय महिला मुक्केबाज़ी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
जैस्मिन का करिश्मा—ओलंपिक पदक विजेता को 4:1 से मात
शाम के मुकाबलों में सबसे बड़ा धमाका विश्व चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया ने किया, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक पदक विजेता वू शिह यी को 4:1 से हराकर दुनिया को चौंका दिया।
जैस्मिन ने शुरुआती दौर में ही बेहतरीन कॉम्बिनेशन के साथ बढ़त ली और आखिरी राउंड में दबाव झेलते हुए शानदार संयम दिखाया।
दूसरी ओर,
- निकहत ज़रीन ने चीनी ताइपे की गुओ यी शुआन को 5:0 से एकतरफा मात दी।
- पर्वीन ने जापान की अयाका तगुची को 3:2 से हराते हुए अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता।
दोपहर सत्र: मीनाक्षी, प्रीति, अरुंधती और नूपुर का विजय अभियान
दिन की शुरुआत मीनाक्षी की 5:0 की एकतरफा जीत से हुई, जिन्होंने एशियाई चैंपियन फर्ज़ोना फ़ोज़िलोवा को तेज़ रफ़्तार और सटीक पंचों से मात दी।
प्रीति ने भी इटली की वर्ल्ड मेडेलिस्ट सिरीन चराबी को 5:0 से हराकर अपना वर्चस्व साबित किया।
18 महीने बाद दमदार वापसी कर रहीं अरुंधती चौधरी ने उज्बेकिस्तान की अज़ीज़ा ज़ोकीरोवा को 5:0 से हराकर शानदार टैक्टिकल बॉक्सिंग दिखाई।
नूपुर ने एक रोमांचक 3:2 मुकाबले में उज्बेकिस्तान की सोतिम्बोएवा ओल्तिनोय को हराकर अपना पहला वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स खिताब जीता।
पुरुष वर्ग: सचिन और हितेश ने जोड़े दो स्वर्ण
पुरुष मुक्केबाज़ों ने भी उच्चस्तरीय प्रदर्शन करते हुए भारत के खाते में दो स्वर्ण पदक और जोड़े।
- सचिन (60kg) ने किर्गिस्तान के मुनारबेक उउलु सईतबेक को 5:0 से हराकर तकनीक, टेंपो और सटीकता का बेहतरीन मिश्रण पेश किया।
- हितेश (70kg) ने कज़ाखस्तान के नुर्बेक मुरसाल को 3:2 से हराते हुए दिन के सबसे रोमांचक मुकाबले में पलटवार कर स्वर्ण जीता।
भारत के छह रजत, पांच कांस्य—सभी भारतीय मुक्केबाज़ पोडियम पर
भारत के लिए रजत जीतने वाले मुक्केबाज़:
- जदुमणि सिंह (50kg)
- पवन बर्तवाल (55kg)
- अभिनाश जमवाल (65kg)
- अंकुश फांगल (80kg)
- नरेंद्र बेरवाल (90+kg)
- पूजा रानी (80kg)
कई मुक्केबाज़ों ने विश्व-स्तरीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सराहनीय लड़ाई लड़ी।
अन्य देशों का प्रदर्शन
भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बीच कई देशों के मुक्केबाज़ों ने भी मजबूत चुनौती पेश की:
- ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री ने 75kg वर्ग में 5:0 की जीत दर्ज की।
- चीनी ताइपे की ओलंपिक विजेता चेन निएन-चिन ने महिलाओं के 65kg वर्ग में 4:1 से खिताब जीता।
- उज्बेकिस्तान के असिलबेक जलीलोव, समंदर ओलिमोव, जावोखिर अब्दुरहीमोव और मामासोलिएव ने कई वर्गों में स्वर्ण जीते।
- इंग्लैंड के शिट्टू ओलादीमेयी और आइजैक ओकोह ने क्रमशः 80kg और 90kg वर्ग में खिताब जीता।
- जापान के शियोन निशियामा ने 65kg में 4:1 से जीत दर्ज की।
- कज़ाखस्तान के सुल्तानबेक आयबरुली ने 85kg पुरुष वर्ग में स्वर्ण जीता।(PNS)




